त्र्यंबकेश्वर में पितृ दोष पूजा दोष निवारण पूजा एवं वैदिक धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी के लिए संपर्क करें
ॐ त्र्यंबकेश्वर, नाशिक

त्र्यंबकेश्वर में पितृ दोष निवारण पूजा एवं वैदिक अनुष्ठान

पितृ दोष पूजा, नारायण नागबली पूजा, त्रिपिंडी श्राद्ध की पूजा विधि, सामग्री, समय, खर्च और अन्य जानकारी के लिए पंडित कृष्णकांत गुरुजी से संपर्क करें।

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पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान

त्र्यंबकेश्वर में प्रमुख पूजा सेवाएं

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पंडित कृष्णकांत गुरुजी त्र्यंबकेश्वर
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पंडित कृष्णकांत गुरुजी से त्र्यंबकेश्वर, नाशिक में पितृ दोष पूजा एवं अन्य वैदिक धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया जा सकता है।

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PITRA DOSH NIVARAN PUJA IN TRIMBAKESHWAR

पितृ दोष क्या है?

माना जाता है, पितृ दोष असंतुष्ट पूर्वजों द्वारा उत्पन्न कर्म का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि आप उचित अनुष्ठान नहीं करते हैं, श्राद्ध समारोहों की उपेक्षा करते हैं, या कर्म ऋण को पूरा करने में विफल रहते हैं, तो आपके पूर्वज असंतुष्ट महसूस कर सकते हैं।

पितृ दोष के लगभग सभी मामलों में निम्नलिखित लक्षण होते हैं:

1.बार-बार आर्थिक समस्याएँ होना। 2. विवाह में देरी। 3. आपके परिवार में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं। 4. प्रसव में समस्या। 5. लगातार मानसिक तनाव। 6. घर में शांति का अभाव।

जब ऐसे पैटर्न बार-बार होते हैं, तो कई ज्योतिषी पितृ दोष निवारण पूजा की सलाह देते हैं। वैदिक शास्त्र इस बात की पुष्टि करते हैं कि उचित ढंग से किए गए अनुष्ठानों से पूर्वजों को शांति मिलती है। ये अनुष्ठान आपके परिवार की वंशावली में आने वाली कार्मिक बाधाओं को भी दूर करते हैं।

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कालसर्प दोष निवारण पूजा त्र्यंबकेश्वर
PITRA DOSH PUJA VIDHI

पितृ दोष पूजा कैसे की जाती है?

पितृ दोष से मुक्ति और पितरों की आत्मा की शांति के लिए विधिपूर्वक पितृ दोष पूजा की जाती है। यह पूजा निम्न चरणों में संपन्न होती है।

1

संकल्प एवं गणेश पूजन

यजमान का संकल्प लिया जाता है और पूजा के प्रारंभ में भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।

2

पुण्याहवाचन एवं कलश स्थापना

पूजा स्थल की शुद्धि, कलश स्थापना और प्रारंभिक वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ पुण्याहवाचन किया जाता है।

3

पितृ आह्वान

वैदिक मंत्रों द्वारा पितरों का आह्वान किया जाता है और उनकी उपस्थिति का ध्यान किया जाता है।

4

तर्पण एवं पिंडदान

तिल, जल और कुश के माध्यम से तर्पण किया जाता है तथा पितरों के लिए पिंडदान किया जाता है।

5

हवन एवं पूर्णाहुति

वैदिक मंत्रों के साथ हवन और पूर्णाहुति की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न की जा सकती है।

6

ब्राह्मण भोज एवं दान

पितरों की शांति हेतु ब्राह्मण भोजन कराया जाता है और दान-दक्षिणा देकर पूजा का समापन किया जाता है।

PITRA DOSH PUJA BENEFITS

पितृ दोष निवारण पूजा के वास्तविक जीवन से जुड़े लाभ

धाधार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष बताया जाता है, वे जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं, मानसिक अशांति, कार्यों में देरी और पारिवारिक चिंताओं जैसी परिस्थितियों के कारण पितृ दोष निवारण पूजा कराते हैं।

इस पूजा को श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक सोच और भगवान शिव की आराधना से जोड़ते हैं। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष बताया जाता है, वे जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं, मानसिक अशांति, कार्यों में देरी और पारिवारिक चिंताओं जैसी परिस्थितियों के कारण पितृ दोष निवारण पूजा कराते हैं।

मानसिक तनाव और बेचैनी से राहत की अनुभूति

श्रद्धालु पूजा, तर्पण, मंत्र जाप और प्रार्थना को मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने के आध्यात्मिक माध्यम के रूप में देखते हैं।

पितरों की शांति के लिए धार्मिक उपाय

हिन्दू धार्मिक परंपरा में पितृ दोष निवारण पूजा को पितरों के प्रति श्रद्धा, तर्पण और सम्मान अर्पित करने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक उपाय माना जाता है।

परिवार में शांति और सद्भाव की कामना

पितृ दोष पूजा के माध्यम से श्रद्धालु परिवार में सुख, शांति, आपसी सद्भाव और सकारात्मक वातावरण की कामना करते हैं।

कार्य और जीवन में आने वाली बाधाओं के लिए धार्मिक उपाय

जब जीवन में बार-बार रुकावटों या कार्यों में देरी का अनुभव हो, तब ज्योतिषीय परंपरा में पितृ दोष निवारण पूजा को एक धार्मिक उपाय के रूप में कराया जाता है।

विवाह और पारिवारिक जीवन में आने वाली देरी के लिए धार्मिक उपाय

कुछ ज्योतिषीय परंपराएं विवाह में देरी या पारिवारिक समस्याओं जैसी परिस्थितियों को जन्मकुंडली के ग्रह योगों से जोड़ती हैं। ऐसे में श्रद्धालु पितृ दोष पूजा को धार्मिक उपाय के रूप में कराते हैं।

नकारात्मक विचार और अनिश्चितता कम करने में आध्यात्मिक सहयोग

पूजा, तर्पण, मंत्र जाप और प्रार्थना श्रद्धालुओं को मन एकाग्र करने तथा जीवन की परिस्थितियों का सामना अधिक धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ करने में आध्यात्मिक सहयोग दे सकते हैं।

पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता की भावना

पितृ दोष पूजा के माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करता है तथा उनकी आत्मिक शांति की प्रार्थना करता है।

आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता

धार्मिक अनुष्ठान, संकल्प और प्रार्थना व्यक्ति को आत्मचिंतन एवं मानसिक स्थिरता का अवसर दे सकते हैं, जिससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकता है।

तर्पण एवं पिंडदान के माध्यम से धार्मिक संतुष्टि

पितृ दोष पूजा में तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। श्रद्धालु इन्हें पितरों के प्रति अपने धार्मिक कर्तव्य और श्रद्धा की अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना: ऊपर बताए गए लाभ हिन्दू धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं तथा श्रद्धालुओं द्वारा पूजा से जुड़े आध्यात्मिक अनुभवों पर आधारित हैं। किसी बीमारी के उपचार, आर्थिक लाभ, नौकरी, विवाह, संतान प्राप्ति या किसी अन्य निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।
PITRA DOSH PUJA DATES 2026

पितृ दोष पूजा तिथि 2026

नीचे 2026 के लिए महीनेवार पूजा तिथियों की सूची दी गई है। यात्रा, होटल या पूजा बुकिंग से पहले अपनी इच्छित तिथि की उपलब्धता पंडित कृष्णकांत गुरुजी से सुनिश्चित करें।

महत्वपूर्ण सूचना: व्यक्तिगत कुंडली, पूजा व्यवस्था, उपलब्ध समय, पंचांग और स्थानीय परंपरा के अनुसार उपयुक्त पूजा तिथि अलग हो सकती है। यात्रा से पहले पंडित कृष्णकांत गुरुजी से पुष्टि करें।
जनवरी 2026

पूजा तिथियां: 1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12, 14, 17, 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28, 31

विशेष तिथि: अमावस्या — 18 जनवरी
फरवरी 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 14, 15, 16, 17, 21, 22, 23, 25, 28

विशेष तिथि: महाशिवरात्रि — 16 फरवरी
मार्च 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 19, 21, 22, 23, 25, 28, 29, 30

विशेष तिथि: अमावस्या — 19 मार्च
अप्रैल 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 15, 17, 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27, 30

विशेष तिथि: अमावस्या — 17 अप्रैल
मई 2026

पूजा तिथियां: 2, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 13, 16, 17, 18, 20, 23, 24, 25, 27, 30, 31

विशेष तिथि: अमावस्या — 16 मई
जून 2026

पूजा तिथियां: 1, 3, 6, 7, 8, 10, 12, 13, 14, 15, 17, 20, 21, 22, 24, 27, 28, 29

विशेष तिथि की पुष्टि पंडित जी से करें
जुलाई 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 14, 16, 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27, 29

विशेष दिन: श्रावण सोमवार — 13, 20, 27 जुलाई
अगस्त 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 3, 5, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16, 17, 19, 22, 23, 24, 26, 28, 29, 30, 31

विशेष तिथि: अमावस्या — 14 अगस्त
सितंबर 2026

पूजा तिथियां: 2, 3, 5, 6, 7, 9, 11, 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28, 30

विशेष तिथि: पितृ पक्ष अमावस्या — 30 सितंबर
अक्टूबर 2026

पूजा तिथियां: 1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12, 14, 17, 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28, 31

विशेष तिथि: अमावस्या — 12 अक्टूबर
नवंबर 2026

पूजा तिथियां: 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23, 25, 28, 29, 30

विशेष तिथि: अमावस्या — 11 नवंबर
दिसंबर 2026

पूजा तिथियां: 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10, 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28, 31

विशेष तिथि: मार्गशीर्ष अमावस्या — 10 दिसंबर
संपर्क प्रक्रिया

पूजा बुकिंग से पहले क्या करें?

1

पंडित जी से संपर्क करें

फोन या WhatsApp पर पूजा प्रकार, श्रद्धालुओं की संख्या और इच्छित तिथि बताएं।

2

पैकेज एवं तिथि की पुष्टि करें

पूजा शुल्क, शामिल सामग्री, मंत्र जाप विकल्प, समय और उपलब्ध तिथि की जानकारी प्राप्त करें।

3

त्र्यंबकेश्वर आएं

पंडित जी द्वारा पुष्टि किए गए समय और पूजा निर्देश के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

त्र्यंबकेश्वर में पितृ दोष पूजा की जानकारी के लिए संपर्क करें

Group Puja, Separate Puja with Shanti, Custom Packages, पूजा सामग्री, पूजा विधि और 2026 उपलब्ध तिथियों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

पंडित कृष्णकांत गुरुजी
+91 9225167354

त्र्यंबकेश्वर, नाशिक

त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष निवारण पूजा, नारायण नागबली पूजा, पितृ दोष पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी के लिए पंडित कृष्णकांत गुरुजी से संपर्क करें।

सामान्य प्रश्न

कालसर्प दोष पूजा से संबंधित प्रश्न

Group Kaal Sarp Puja का शुल्क कितना है?

इस वेबसाइट पर प्रकाशित Group Puja शुल्क ₹1,500 प्रति व्यक्ति है। बुकिंग से पहले उपलब्ध तिथि और पैकेज में शामिल व्यवस्था की पुष्टि करें।

Separate Puja with Shanti का शुल्क कितना है?

Separate Puja with Shanti का प्रकाशित शुल्क ₹2,500 है। पूजा की विधि और शामिल व्यवस्था की जानकारी बुकिंग से पहले प्राप्त करें।

Custom Puja Packages कौन से हैं?

विभिन्न chanting options के साथ ₹5,100, ₹11,000 और ₹25,000 के Custom Packages उपलब्ध हैं। अपने लिए उपयुक्त विकल्प और पैकेज में शामिल सेवाओं की जानकारी फोन पर प्राप्त करें।

कालसर्प दोष पूजा कैसे की जाती है?

सामान्य धार्मिक प्रक्रिया में संकल्प, गणेश पूजन, कलश स्थापना, नाग देवता पूजन, मंत्र जाप, अभिषेक, हवन, पूर्णाहुति और आरती जैसी विधियां शामिल हो सकती हैं।

कालसर्प दोष पूजा के लाभ क्या माने जाते हैं?

धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु इस पूजा को मानसिक शांति, बार-बार आने वाली बाधाओं के लिए धार्मिक उपाय, सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन, पारिवारिक शांति की कामना और भगवान शिव की आराधना से जोड़ते हैं। किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।

क्या 2026 की सभी सूचीबद्ध तिथियों पर पूजा उपलब्ध होगी?

पूजा की वास्तविक उपलब्धता, समय और व्यवस्था की पुष्टि यात्रा से पहले पंडित कृष्णकांत गुरुजी से करें।

पूजा सामग्री कौन लेकर आएगा?

पूजा सामग्री स्वयं लानी है या चुने गए पैकेज में उपलब्ध है, इसकी जानकारी बुकिंग से पहले प्राप्त करें।

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